Janwar Hamari Tarah Baat Kyu Nahi Karte Hain First New 2020.

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Janwar Hamari Tarah Baat Kyu Nahi Karte Hain: जानवर हमारी तरह बात क्यों नही कर सकते?

कल्पना करो की जानवर (Janwar) भी हमारी तरह बोलते तो कितना मज़ा आता, वो भी हमसे बात करते और हम भी उनसे कुछ सवाल पूछते. अगर जानवर और पक्षी भी हमारी तरह बोलते तो पक्षी बाहर की दुनिया का सन्देश देते और जानवर हमारे आस पास के माहौल के बारे में हम से बात करते खैर ऐसा नही है लेकिन काश ऐसा होता तो मज़ा आ जाता. आप की क्या राय है कमेंट में जरूर बताए…

बच्चो की कहानियो में जानवरो को बोलते हुए दिखाया जाता है लेकिन सच ये है कि जानवर हमारी तरह बोलते नही है,इस संसार में समस्त जीवित प्राणियों में मानव वर्ग ही ऐसा है जो शब्दों की सहायता से अपने विचार को एक दुसरे तक पहुचाते है.

यह तो सच है कि जानवर (Janwar) हमारी तरह बात तो नही करते लेकिन वे कुछ इशारो और कुछ आवाजो के द्वारा अपने सुख-दुःख भय आदि को बताते है आपने देखा होगा कि चिड़ियों के समूह के पास से जब कोई बिल्ली गुजरती है तो सभी चिड़ियाँ जोर -जोर से चु-चु करने लगते है और बिल्ली द्वारा पकडे जाने वाले खतरे को ची-ची की आवाज में प्रदशित करती है इसी प्रकार कुत्ता भोक कर अपना क्रोध प्रकट करता है पर पुच हिलाकर खुशामंद जाहिर करता है.

बन्दर भी अपना गुस्सा विचित्र आवाज द्वारा निकालता है जब बन्दर को गुस्सा आता है तो हमें बहुत डर लगता है ऐसा लगता है तो कंही हमारे थप्पड़ ना मार दे.

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Janwar Hamari Tarah Baat Kyu Nahi Karte Hain?

जानवर (Animal) हमारी तरह बात नही कर सकते है इसका कारण यह है कि जानवरों का मस्तिष्क मनुष्य की अपेक्षा कम विकसित होता है जानवरों के मन में भाव तो आते है लेकिन उन भाव को स्पस्ट करने के लिए शब्द नही होते है इसलिए जानवर अपने विचारो को प्रकट नही कर पाते है जानवर अपने विचारो को इशारो या आवाज से ही प्रकट कर पाते है.

लेकिन यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि जानवरों (Janwar) के पास भी भावनाए होती है ये भावनाए प्रेम, क्रोध, वात्सल्य, शत्रुता, हिंसा आदि को स्पस्ट करते है, भूख, प्यास, या रक्षात्मक आवश्यकताओ को भी व्यक्त करने की उनकी अलग भाषा होती है यह भाषा मूक होती है लेकिन इसके संदेशो का आदान प्रदान बिना कोई रोक टोक के होता रहता है

लेकिन हम आज भी अपनी सारी बाते भाषा से प्रकट नही करते कुछ बाते इशारो से भी प्रकट करते है हम बहुत से बातो का उतर हाँ या ना में नही कहकर सिर्फ सिर हिलाकर या हाथ हिलाकर करते है

अत: जानवरों के विषय में कहा जा सकता है कि उनका मस्तिष्क कम विकसित है, जिसके कारण जानवर (Janwar) बात करने के लिए किसी भाषा या शब्दों का विकाश नही कर पाये है तभी तो जानवर हमारी तरह बात नही कर पाते है

जानवर (Janwar) हमारी तरह बात क्यों नही कर सकते आर्टिकल कैसा लगा अच्छा लगे तो फेसबुक पर शेयर अवश्य करे जानवरों के बारे में आप की क्या राय है कमेंट में जरूर बताये.

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