Barf Pani Me Kyu Tairta Hai New First 2020: बर्फ पानी ICE

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Barf Pani Me Kyu Tairta Hai बर्फ पानी में क्यों तैरती है?

(ICE) बर्फ पानी में क्यों तैरती है? नही जानते तो पूरा आर्टिकल जरुर पढ़े 

बर्फ पानी में क्यों तैरती है? ICE Barf-Pani

यह एक साधारण अनुभव की बात है कि जब एक ICE Barf बर्फ का टुकड़ा पानी में डाला जाता है तो वह डूबता नही है बल्कि तैरता है बर्फ का बड़े से बड़ा टुकड़ा भी पानी में डूबेगा नही, बल्कि तैरता ही रहेगा यंहा तक की बर्फ का पहाड़ भी समुन्द्र में ही तैरता रहेगा क्या आप जानते है कि बर्फ पानी में क्यों तैरती हैं?

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वस्तुओ का पानी में तैरने का सिद्धांत सबसे पहले ग्रीस के विज्ञानिक आर्कमिडिज ने दिया था.इसके अनुसार जब किसी वस्तु को पानी में में डाला जाता है तो वस्तु पानी को हटाती है इस वस्तु पर दो बल काम करता है वस्तु का भार निचे की ओर दबाव डालता है और पानी द्वारा लगाया गया उत्प्लावन बल (Up Thrust or Buoyant Force) उसे उपर की ओर उछालता है.

जब वस्तु भार उत्प्लावन बल के बराबर या कम होता है तो वस्तु पानी में तैरती है मतलब जब उस वस्तु का भार उसके द्वारा हटाए गए पानी के भार के बराबर या कम होता है तो वस्तु पानी में तैरती है और यदि वस्तु का भार उसके द्वार हटाए गए पानी के भार से अधिक होता है तो वह पानी में डूब जाती है.

अत: कोई भी वस्तु पानी में तभी तैरेगी जब उसका भार उसके आयतन के बराबर पानी ले भार के बराबर होगा लकड़ी का टुकड़ा पानी में इसलिए तैरता है क्योकि उसका भर उसके समान आयतन पानी के भार से आधा होता है अत: लकड़ी का आधा भाग पानी में डूब जाता है और आधा पानी के उपर रहता है.

इसी प्रकार कार्क का भार उसके द्वारा हटाए गए पानी के भार का पांचवा हिस्सा होता है इसलिए कार्क का पांचवा भाग पानी में डूब जाता है और शेष भाग पानी के उपर रहता है इसी सिद्धांत के आधार पर ICE Barf बर्फ का तैरना भी समझा जा सकता है.

आमतौर पर पदार्थ जब द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलते है ठोस अवस्था में आने पर उनके अणु आप-पास आ जाते है जिसके फलस्वरूप उनका आयतन कम हो जाता है आयतन कम हो जाने का मतलब है कि उनका घनत्व बढ़ जाता है और वे ठोस अवस्था में द्रव अवस्था की अपेक्षा भारी हो जाते है लेकिन पानी एक एसी विचित्र द्रव है कि जब वह बर्फ में बदलता है तो सिकुड़ने की बजाय फैलता है.

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बर्क का आयतन पानी के आयतन से लगभग 9वा हिस्सा अधिक होता है यदि 9 लीटर पानी कि बर्फ जमाई जाए तो बर्फ का आयतन लगभग 10 लीटर हो जायेगा यहाँ यह जान लेना भी बहुत जरूरी है कि लीटर पानी का भार नही बताता बल्कि आयतन बताता है.

इस प्रकार बर्फ का आयतन बढ़ने से इसका घनत्व पानी के घनत्व का 9/10वा भाग रह जाता है बर्फ पानी से 1/10 भाग हल्की हो जाती है इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि यदि बर्फ का टुकड़ा पानी में डाला जाये तो इसका 9/10 भाग पानी में डूब जायेगा और 1/10 भाग पानी के उपर रहेगा.

क्योकि बर्फ का भर उसके द्वारा हटाए गए पानी के भार का 9/10वा भाग है यही कारण है कि बड़े बड़े हिमखंडो का बहुत बड़ा भाग पानी में डूबा रहता है और उसका दसवा हिस्सा पानी के उपर रहता है.

बर्फ का आयतन पानी में अधिक होने होने के कारण ही ठंठे स्थानों में पानी के पाइप फट जाते है क्योकि जैसे ही पानी जमता है वैसे ही उसका आयतन बढ़ जाता है और आयतन बढ़ने से इतना बल पैदा हो जाता है कि पाइप फट जाता है.

फिनलैंड में तो इस गुण को चट्टानों को तोड़ने में भी प्रयोग लाते है वंहा पर जब चट्टाने तोडनी होती है तो चट्टानों के बिच खाली जगह में पानी भर दिया जाता है जब पानी (ICE Barf ) बर्फ बन जाता है तो फैलता है और उसके दबाव से चट्टनो में दरार पड़ जाती है

तो आप को समझ में आ गया होगा कि (ICE Barf) बर्फ पानी में क्यों तैरती है? बर्क के बारे में और जानने के लिए ये जरूर पढ़े –ICE Barf-Pani

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